RBI Cuts Repo Rate – अगर आप होम लोन या कार लोन लेने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी हो सकती है! भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) जल्द ही रेपो रेट में कटौती करने की योजना बना रहा है, जिससे ब्याज दरें कम हो सकती हैं और आपकी EMI में राहत मिल सकती है।
RBI क्यों घटा सकता है रेपो रेट?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अप्रैल 2025 में होने वाली मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की बैठक में RBI रेपो रेट में 0.25% की कटौती कर सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत में मुद्रास्फीति (Inflation) धीरे-धीरे कम हो रही है, जिससे RBI के लिए ब्याज दरों को घटाना आसान हो जाएगा।
फरवरी 2025 में हो चुकी है पहली कटौती
RBI ने फरवरी 2025 में पहले ही रेपो रेट 0.25% घटाकर 6.25% कर दिया था। अब उम्मीद है कि आने वाले महीनों में यह और घट सकता है और 5.5% तक पहुंच सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो यह पिछले 21 तिमाहियों में पहली बार होगा जब खुदरा मुद्रास्फीति 4% से नीचे आ सकती है।
आम जनता को कैसे होगा फायदा?
अगर RBI रेपो रेट घटाता है, तो बैंकों पर भी दबाव बढ़ेगा कि वे अपने कर्ज पर ब्याज दरें कम करें। इसका सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा:
1. होम लोन और कार लोन सस्ते होंगे – अगर आप घर या गाड़ी खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह सही मौका हो सकता है।
2. बिजनेस लोन पर राहत – छोटे कारोबारियों को भी फायदा मिलेगा, क्योंकि बैंक कम ब्याज पर लोन देंगे।
3. EMI पर कम ब्याज देना होगा – आपकी हर महीने की किश्तें कम हो जाएंगी, जिससे आपकी बचत बढ़ेगी।
अमेरिका की पॉलिसी का भी असर
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका की आर्थिक नीतियों का भी भारत पर असर पड़ सकता है। अगर अमेरिका किसी तरह के जवाबी शुल्क (Retaliatory Tariff) लगाता है, तो भारतीय बाजार में हलचल हो सकती है। ऐसे में RBI लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए रेपो रेट में कटौती कर सकता है।
अप्रैल 2025 की बैठक पर सबकी नजरें
RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी हर साल 6 बैठकें करती है, और पहली बैठक 7-9 अप्रैल 2025 के बीच होगी। इस दौरान रेपो रेट में कटौती को लेकर फैसला लिया जा सकता है।
क्या आगे और कटौती हो सकती है?
इंडिया रेटिंग्स के मुताबिक, RBI वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 1% तक की कटौती कर सकता है, यानी रेपो रेट 5.25% तक आ सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो लंबे समय तक सस्ते लोन का फायदा लोगों को मिलेगा।
अगर RBI रेपो रेट घटाता है, तो यह मिडिल क्लास के लिए बड़ी राहत होगी। लोन सस्ते होंगे, EMI कम होगी और बाजार में स्थिरता बनी रहेगी। अब सबकी नजरें अप्रैल 2025 की बैठक पर टिकी हैं—क्या RBI सच में आम आदमी को तोहफा देगा?