Cibil Score – अब तक आपने सुना होगा कि सिबिल स्कोर लोन लेने के लिए जरूरी होता है, लेकिन अब ये शादी जैसे फैसलों में भी बड़ी भूमिका निभा रहा है। जी हां, आजकल लोग सिर्फ कुंडली या मेडिकल हिस्ट्री नहीं, बल्कि सिबिल स्कोर भी चेक कर रहे हैं। चलिए जानते हैं इस ट्रेंड के पीछे की पूरी कहानी।
क्या होता है सिबिल स्कोर
सिबिल स्कोर एक तरह से आपकी आर्थिक छवि को दिखाता है। ये स्कोर क्रेडिट इंफॉर्मेशन ब्यूरो लिमिटेड यानी CIBIL की तरफ से तैयार किया जाता है और ये आमतौर पर 300 से 900 के बीच होता है। जितना ज्यादा स्कोर, उतना बेहतर समझा जाता है। अच्छा स्कोर होने पर लोन या क्रेडिट कार्ड लेना आसान हो जाता है, और ब्याज दरें भी कम मिल सकती हैं।
अब शादी के फैसलों में भी जुड़ रहा स्कोर
पहले लोग शादी से पहले सिर्फ लड़की या लड़के की जाति, नौकरी, परिवार या हेल्थ रिपोर्ट पर ध्यान देते थे। लेकिन अब लिस्ट में एक नया नाम जुड़ गया है – सिबिल स्कोर। खासकर शहरी इलाकों में लोग अब शादी से पहले सामने वाले का स्कोर जानना चाहते हैं।
लोगों का मानना है कि अच्छा सिबिल स्कोर इस बात का संकेत है कि सामने वाला व्यक्ति अपनी आर्थिक जिम्मेदारियों को अच्छे से निभा रहा है। वहीं अगर स्कोर कम है, तो ये चिंता की बात बन जाती है। यही वजह है कि अब माता-पिता और युवा खुद भी इस ओर ध्यान दे रहे हैं।
कर्ज और शादी का सीधा कनेक्शन
मौजूदा दौर में बहुत से लोग लोन लेकर घर, गाड़ी या अन्य चीजें खरीदते हैं। ऐसे में अगर किसी के ऊपर बहुत ज्यादा कर्ज है और सिबिल स्कोर भी खराब है, तो शादी के प्रस्ताव पर सवाल उठने लगते हैं। कई बार तो रिश्ते सिर्फ इस वजह से टूट भी जाते हैं।
डेटा क्या कहता है
एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत में करीब 20 से 35 फीसदी युवा शादी से पहले एक-दूसरे का सिबिल स्कोर जांचते हैं। वहीं 15 से 20 फीसदी लोग तो साफ कह चुके हैं कि अगर सामने वाले का स्कोर अच्छा नहीं है, तो वो रिश्ता आगे नहीं बढ़ाएंगे। इसके अलावा 55 से 60 फीसदी युवा ऐसे भी हैं जो शादी के बाद एक स्थिर और सुरक्षित आर्थिक जीवन चाहते हैं।
लड़कियां ही नहीं, लड़के भी कर रहे चेकिंग
सिबिल स्कोर चेक करने का काम सिर्फ लड़कियां या उनके परिवार नहीं कर रहे हैं। अब लड़के भी इस बात में पीछे नहीं हैं। आंकड़े बताते हैं कि 12 से 17 फीसदी युवक भी शादी से पहले लड़की का सिबिल स्कोर देख रहे हैं। दूसरी ओर 25 से 30 फीसदी लड़कियां शादी से पहले लड़के का स्कोर जांचना जरूरी मानती हैं।
कुछ रियल केस भी सामने आए हैं
ये बात सिर्फ थ्योरी तक ही सीमित नहीं है। असल ज़िंदगी में भी कई मामले सामने आए हैं जहां सिबिल स्कोर की वजह से शादियां रुक गईं। महाराष्ट्र के मुर्तिजापुर में एक लड़की ने इसलिए शादी से इंकार कर दिया क्योंकि लड़के का सिबिल स्कोर बहुत कम था और उस पर काफी कर्ज था।
ऐसा ही एक मामला कर्नाटक के मैसूरू से भी आया जहां लड़की ने लड़के का सिबिल स्कोर चेक किया और जब स्कोर कम निकला, तो लड़की के परिवार ने शादी के लिए मना कर दिया।
क्या हम ज्यादा प्रैक्टिकल हो रहे हैं
अब सवाल उठता है कि क्या सिबिल स्कोर को शादी के फैसले में शामिल करना सही है? कई लोग इसे जरूरत के हिसाब से सही मानते हैं, क्योंकि आज के समय में आर्थिक स्थिरता और समझदारी एक सफल शादी के लिए जरूरी मानी जाती है। वहीं कुछ लोग इसे बहुत ज्यादा प्रैक्टिकल और इमोशनलेस फैसला भी मानते हैं।
क्या करना चाहिए
अगर आप शादी की सोच रहे हैं, तो अपने सिबिल स्कोर का ख्याल रखना अब पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है। समय पर लोन चुकाना, क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल और वित्तीय प्लानिंग आपके सिबिल स्कोर को बेहतर बना सकती है। इससे न सिर्फ लोन मिलना आसान होगा, बल्कि रिश्तों में भी आपको एक पॉजिटिव इमेज मिल सकती है।
समय बदल रहा है और उसके साथ हमारे सोचने का तरीका भी। सिबिल स्कोर अब सिर्फ बैंकों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट्स के लिए नहीं रह गया है, बल्कि ये अब हमारे निजी फैसलों में भी असर डाल रहा है। तो अगर आप आने वाले समय में शादी की प्लानिंग कर रहे हैं, तो अपना सिबिल स्कोर जरूर चेक कर लें।