Minimum Balance Rules – अगर आपका बैंक में खाता है, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। 1 अप्रैल से कई बैंकों ने न्यूनतम बैलेंस से जुड़े नए नियम लागू कर दिए हैं। अब अगर आप अपने खाते में मिनिमम बैलेंस मेंटेन नहीं करते हैं, तो आपको जुर्माना भरना पड़ेगा।
किन बैंकों के बदले हैं नियम?
नए नियमों के तहत, एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और केनरा बैंक जैसे बड़े बैंकों ने मिनिमम बैलेंस मेंटेन करने को अनिवार्य कर दिया है।
- शहरी इलाकों में 5,000 रुपये तक का न्यूनतम बैलेंस जरूरी हो सकता है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में यह सीमा 2,000 रुपये तक हो सकती है।
- अगर आपने खाते में इतना बैलेंस नहीं रखा, तो बैंक आपसे पेनल्टी वसूल सकता है।
इसका असर करोड़ों बैंक ग्राहकों पर पड़ेगा, क्योंकि कई लोग अपने खाते में जरूरत के हिसाब से ही पैसे रखते हैं और हर महीने न्यूनतम बैलेंस नहीं मेंटेन कर पाते।
क्या होता है मिनिमम बैलेंस?
मिनिमम बैलेंस वह न्यूनतम राशि होती है, जो बैंक अकाउंट में बनाए रखना जरूरी होता है। अगर आप इस सीमा से कम पैसे खाते में रखते हैं, तो बैंक आपसे कुछ चार्ज वसूल सकता है।
हर बैंक का मिनिमम बैलेंस अलग होता है, और यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि खाता किस श्रेणी में आता है, जैसे –
- बचत खाता (Saving Account)
- चालू खाता (Current Account)
- सैलरी अकाउंट (Salary Account)
अब नए नियम लागू होने के बाद बैंकों ने इस सीमा को और सख्त कर दिया है।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग नियम
बैंकों ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग न्यूनतम बैलेंस की सीमा तय की है।
- अगर आप गांव में रहते हैं, तो आपको 2,000 रुपये तक का मिनिमम बैलेंस रखना होगा।
- वहीं, शहरों में यह सीमा 5,000 रुपये तक हो सकती है।
अगर आपके खाते में तय रकम से कम बैलेंस रहता है, तो बैंक हर महीने कुछ चार्ज काट सकता है, जिसकी रकम अलग-अलग बैंकों में अलग हो सकती है।
बैंकों ने क्यों किए ये बदलाव?
- बैंकों को अपने ऑपरेशनल कॉस्ट को कवर करने के लिए मिनिमम बैलेंस मेंटेन रखना जरूरी होता है।
- कई बैंक ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए अपने नियमों में बदलाव कर रहे हैं।
- डिजिटल लेन-देन बढ़ने के साथ, बैंक चाहते हैं कि ग्राहक अपने खातों में पर्याप्त बैलेंस बनाए रखें।
क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए भी बड़ा झटका
अगर आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए भी एक अहम खबर है। अब क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट कम कर दिए गए हैं।
- IDFC फर्स्ट बैंक ने अपने क्लब विस्तारा क्रेडिट कार्ड के माइलस्टोन बेनेफिट को बंद करने का फैसला लिया है।
- SBI बैंक ने भी कुछ क्रेडिट कार्ड्स पर रिवॉर्ड पॉइंट घटा दिए हैं।
- पहले SBI के सिंपली क्लिक क्रेडिट कार्ड पर स्विगी से खाने का ऑर्डर करने पर 10 गुना रिवॉर्ड पॉइंट मिलते थे, लेकिन अब यह सिर्फ 5 गुना ही मिलेगा।
- एअर इंडिया SBI प्लैटिनम कार्ड पर 100 रुपये खर्च करने पर मिलने वाले 15 रिवॉर्ड पॉइंट घटाकर 5 कर दिए गए हैं।
- एअर इंडिया SBI सिग्नेचर क्रेडिट कार्ड पर अब सिर्फ 10 रिवॉर्ड पॉइंट मिलेंगे, जबकि पहले 30 मिलते थे।
क्या करें ताकि आपको पेनल्टी न देनी पड़े?
अगर आप चाहते हैं कि आपके बैंक खाते से बिना वजह पैसे न कटें, तो कुछ बातों का ध्यान रखें –
- हमेशा मिनिमम बैलेंस मेंटेन करें – अपने खाते में बैंक द्वारा निर्धारित न्यूनतम बैलेंस बनाए रखें, ताकि आपको पेनल्टी न भरनी पड़े।
- बचत खाता और चालू खाता अलग रखें – अगर आप बिजनेस करते हैं, तो चालू खाता खोलें, क्योंकि इसमें मिनिमम बैलेंस की सीमा ज्यादा होती है।
- क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल सोच-समझकर करें – अगर आप क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं, तो नए रिवॉर्ड पॉइंट्स की पॉलिसी को जरूर पढ़ें, ताकि आप सही फैसले ले सकें।
- बैंक के नोटिफिकेशन पर ध्यान दें – बैंक अक्सर ईमेल या SMS के जरिए अपने नियमों में बदलाव की जानकारी देता है, इसलिए समय-समय पर इन्हें चेक करें।
क्या बैंक सभी खातों पर मिनिमम बैलेंस चार्ज लगाएंगे?
नहीं, कुछ खास तरह के खातों में मिनिमम बैलेंस की अनिवार्यता नहीं होती।
- जन धन खाता (PMJDY Account) में कोई न्यूनतम बैलेंस मेंटेन करने की जरूरत नहीं होती।
- सैलरी अकाउंट में भी अगर आपका वेतन हर महीने आ रहा है, तो आपको मिनिमम बैलेंस बनाए रखने की जरूरत नहीं पड़ती।
अगर आप बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं, तो यह बदलाव आपके लिए अहम हो सकते हैं। अब कई बैंकों ने मिनिमम बैलेंस मेंटेन करने को अनिवार्य कर दिया है, और अगर आपने ऐसा नहीं किया, तो आपको पेनल्टी देनी पड़ सकती है।
इसके अलावा, क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए भी रिवॉर्ड पॉइंट्स में कटौती की गई है, जिससे आपको पहले की तुलना में कम फायदे मिलेंगे।
इसलिए अपने बैंक के नए नियमों को समझें और सही फैसले लें, ताकि आप बिना वजह चार्ज देने से बच सकें।