Senior Citizen 4 New Schemes – अगर आप सीनियर सिटीजन हैं या आपके परिवार में कोई बुजुर्ग हैं तो ये खबर आपके लिए बहुत खास है। सरकार ने 2025 में सीनियर सिटीजंस के लिए चार नई योजनाएं लॉन्च की हैं, जो उनके वित्तीय सुरक्षा, निवेश और स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं को दूर करने में मदद करेंगी। ये योजनाएं बुजुर्गों को न सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत बनाएंगी बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने का मौका भी देंगी। आइए जानते हैं इन चार योजनाओं के बारे में जो आपके काम आ सकती हैं।
आयकर छूट में बढ़ोतरी – अब 12 लाख तक कोई टैक्स नहीं
सबसे बड़ी राहत टैक्स से जुड़ी हुई है। 2025 के बजट में सीनियर सिटीजंस के लिए आयकर छूट सीमा को बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दिया गया है। पहले यह सीमा 7 लाख रुपये थी, यानी अब 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
यह राहत उन बुजुर्गों के लिए बहुत फायदेमंद है, जो पेंशन, एफडी से मिलने वाले ब्याज या अन्य स्रोतों से इनकम कमाते हैं। इसके अलावा, टीडीएस (टैक्स डिडक्शन एट सोर्स) की सीमा भी 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। मतलब, बैंक एफडी या सेविंग अकाउंट पर 1 लाख रुपये तक का ब्याज मिलने पर कोई टैक्स नहीं कटेगा।
75 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए टैक्स फाइलिंग प्रोसेस को और आसान बना दिया गया है, जिससे उन्हें रिटर्न फाइल करने में दिक्कत न हो।
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) – सुरक्षित और फायदेमंद निवेश
अगर आप बुजुर्गों के लिए एक अच्छा निवेश विकल्प खोज रहे हैं, तो सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) आपके लिए बढ़िया ऑप्शन हो सकती है। 2025 में इस योजना की ब्याज दर 8.2 प्रतिशत कर दी गई है, जो बाजार में दूसरी योजनाओं से ज्यादा है।
इस स्कीम में आप 1,000 रुपये से लेकर 30 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें हर तीन महीने में ब्याज का भुगतान किया जाता है, जिससे सीनियर सिटीजंस को नियमित आय मिलती रहती है।
यह सरकार द्वारा समर्थित योजना है, इसलिए इसमें निवेश करना पूरी तरह से सुरक्षित है। इस योजना में 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स छूट भी मिलती है, जिससे टैक्स की बचत भी होगी।
नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) – भविष्य के लिए पेंशन की गारंटी
रिटायरमेंट के बाद पेंशन का सही इंतजाम हो, तो भविष्य की चिंता कम हो जाती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) में बड़े बदलाव किए हैं।
अब इस स्कीम के तहत 2 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलेगी। साथ ही, अगर किसी सीनियर सिटीजन को मेडिकल इमरजेंसी आती है, तो वह अपने फंड से आंशिक निकासी भी कर सकता है।
इस योजना में आप अपने हिसाब से निवेश के विकल्प चुन सकते हैं। जो लोग थोड़ा जोखिम लेना चाहते हैं, वे इक्विटी फंड में निवेश कर सकते हैं, और जो बिना जोखिम के निवेश करना चाहते हैं, वे सरकारी बॉन्ड या फिक्स्ड इनकम फंड में निवेश कर सकते हैं।
स्वास्थ्य बीमा पर ज्यादा छूट – मेडिकल खर्चों की चिंता खत्म
बढ़ती उम्र के साथ मेडिकल खर्च भी बढ़ जाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने 2025 में स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर अतिरिक्त टैक्स छूट देने का फैसला किया है।
अब आयकर अधिनियम की धारा 80D के तहत सीनियर सिटीजंस को हेल्थ इंश्योरेंस पर ज्यादा टैक्स छूट मिलेगी। इसके अलावा, अगर किसी बुजुर्ग के पास स्वास्थ्य बीमा नहीं है और वह मेडिकल खर्च कर रहा है, तो उसे भी टैक्स में राहत मिलेगी।
इससे उन बुजुर्गों को फायदा होगा, जो अपनी मेडिकल जरूरतों पर हर साल बड़ी रकम खर्च करते हैं।
अन्य निवेश योजनाएं जो सीनियर सिटीजंस के लिए फायदेमंद हैं
इन चार योजनाओं के अलावा कुछ और निवेश विकल्प भी हैं, जिनसे सीनियर सिटीजंस को फायदा हो सकता है:
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (MIS): इस योजना की ब्याज दर 7.4 प्रतिशत है। इसमें 1,000 रुपये से लेकर 9 लाख रुपये (सिंगल अकाउंट) तक निवेश कर सकते हैं। यह उन बुजुर्गों के लिए अच्छा ऑप्शन है, जो हर महीने फिक्स इनकम चाहते हैं।
आरबीआई बॉन्ड्स: अगर आप लॉन्ग टर्म के लिए सुरक्षित निवेश चाहते हैं, तो आरबीआई बॉन्ड्स बेहतर ऑप्शन हो सकते हैं। 8.05 प्रतिशत की ब्याज दर के साथ ये बॉन्ड्स 7 साल की अवधि के लिए आते हैं। यह सरकार समर्थित योजना है, इसलिए इसमें पैसा लगाना पूरी तरह सुरक्षित है।
क्या आपको इन योजनाओं का फायदा उठाना चाहिए?
अगर आप सीनियर सिटीजंस हैं या आपके घर में कोई बुजुर्ग है, तो इन योजनाओं की मदद से न सिर्फ बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिल सकती है, बल्कि जीवन भी आसान बन सकता है।
- अगर आपकी वार्षिक आय 12 लाख रुपये से कम है, तो अब आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा।
- निवेश के लिए SCSS और NPS बेहतर विकल्प हो सकते हैं, जो टैक्स सेविंग के साथ-साथ अच्छी रिटर्न भी देंगे।
- अगर मेडिकल खर्चों की चिंता है, तो हेल्थ इंश्योरेंस पर बढ़ी हुई टैक्स छूट आपको राहत दे सकती है।
इन योजनाओं में निवेश करने से पहले किसी वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें, ताकि आप अपने लिए सही विकल्प चुन सकें।